कितना विवादित है पद्मश्री कंगना रनौत का ये बयान ?

पद्मश्री कंगना रनौत ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने 15 अगस्त 1947 को मिली स्वतंत्रता को भीख में मिली आज़ादी करार दिया है। कंगना रनौत ने मोदी सरकार का गुणगान करते हुए कहा कि भारत को असली आज़ादी 2014 को मिली जब मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने। 

कंगना रनौत ने एक अंग्रेज़ी टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान ये बयान दिया। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर कोहराम मच गया है। लोगों ने उनके बयान की कड़ी निंदा की है। एक शख्स ने लिखा कि कोई कंगना को बताए की अगर 1947 में आज़ादी न मिलती तो चायवाला प्रधानमंत्री नहीं बन पाता।

एक ट्रोल ने उन्हें बेहद घटिया किस्म का इंसान बताया।

एक शख्स ने कंगना को 4 बार राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाने पर ही सवाल खड़ा कर दिया और लिखा कि लकड़ी के घोड़े पर बैठ कर, प्लास्टिक की तलवार चला कर नेशनल अवार्ड मिले उसे अवार्ड नहीं भीख कहते हैं।

एक ट्रोल ने लिखा कि 2014 के बाद कंगना को ही आजादी मिली क्योंकि वह पहले खुद नशे में थीं।

एक व्यक्ति ने कहा कि कंगना के अनुसार रानी लक्ष्मीबाई, भगतसिंह, आज़ाद, बोस, टीपू, मंगलपाण्डे और लाखों सेनानी स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों से लड़े नहीं थे, बल्कि उनसे भीख मांग रहे थे।

हाल के दिनों में कंगना रनौत एक विवादित फिल्म हिरोइन के तौर पर उभरीं हैं कभी उनके बयान तो कभी उनके दौरों की वजह से विवाद हो जाता है। हाल ही में वो अंडमान निकोबार में सेल्यूलर जेल गई जहां उन्होने सावरकर की सेल में नमन किया।

कंगना रनौत एक सफल अभिनेत्री हैं लेकिन राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए लोग कयास लगा रहे हैं कि वो भाजपा में शामिल होना चाहतीं हैं। ये तो भविष्य में ही पता चलेगा लेकिन कंगना मोदी सरकार का प्रचार करने का कोई मौका नहीं छोड़तीं हैं।

क्या आपको लगता है कि कंगना ने सही बयान दिया ? आप अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें। ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.dainiknavodaya.com

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